SB Creations- Let Us Be Creative
भिखारी नेता जी Welcom10

SB Creations में आपका हार्दिक स्वागत हैं. इस वेबसाइट पर मेरी कहानीया, कविताये, लेख, समाज से जुडी जानकारिया आदि हैं. इन्हें पढ़े एवं शेयर करे.

धन्यवाद...

सुमित मेनारिया
⇧⇧CLICK HERE TO HIDE THIS BAR
Latest topics
» About SB Creation
भिखारी नेता जी EmptySat Jan 21, 2017 2:25 pm by smenaria

» ताश्री...Don't Look into her eyes!
भिखारी नेता जी EmptyFri Jul 08, 2016 12:47 pm by smenaria

» The Hell Lovers (स्वास्तिक)....A Love Against the God 【preview- हिंदी में】
भिखारी नेता जी EmptyFri Jun 17, 2016 2:29 pm by smenaria

» The Hell Lovers-Pictures
भिखारी नेता जी EmptyThu Oct 03, 2013 5:36 pm by smenaria

» Swastik- The Story
भिखारी नेता जी EmptyThu Oct 03, 2013 5:32 pm by smenaria

» Poelogues- Concepts
भिखारी नेता जी EmptyThu Oct 03, 2013 5:28 pm by smenaria

» Introduction
भिखारी नेता जी EmptyThu Oct 03, 2013 5:21 pm by smenaria

» सभ्य व्यक्ति
भिखारी नेता जी EmptyThu Apr 18, 2013 7:18 pm by smenaria

» मुनि, बहूं & वृद्ध पुरुष
भिखारी नेता जी EmptyThu Apr 18, 2013 7:09 pm by smenaria

Social bookmarking

Social bookmarking digg  Social bookmarking delicious  Social bookmarking reddit  Social bookmarking stumbleupon  Social bookmarking slashdot  Social bookmarking yahoo  Social bookmarking google  Social bookmarking blogmarks  Social bookmarking live      

Bookmark and share the address of SB Creations- Let Us Be Creative on your social bookmarking website


भिखारी नेता जी

Go down

भिखारी नेता जी Empty भिखारी नेता जी

Post by smenaria on Thu Apr 18, 2013 7:06 pm

भिखारी नेता जी 546090_440955342664750_326715681_n

उस छोटे कस्बे के चौराहे पर 1 भिखारी इसी आश में बैठा था की कोई आये और उसके कटोरे में कुछ पैसे डाले तो उसके आज के खाने का जुगाड़ बने ।
तभी एक गाड़ी वहाँ आ के रुकी। गाड़ी से नेता जी का उतरना हुआ .. भिखारी की तो मनो किस्मत ही खुल गई , नेता जी सुखा प्रभावित क्षेत्र में निरीक्षण के लिए आये थे।
वो अपने सहायक से कुछ बात कर रहे थे भिखारी बैठा उन्हें सुन रहा था।

नेता जी :- “आपको पता ही है कि मैं कल मनाली जा रहा हूँ। सुना है,वहाँ अच्छी ठंड पड़ रही है।

सहायक - "हाँ सर"

नेता जी - "तो सुखा पीड़ितों के लिए जो बजट हमें मिला था, उसमें अभी पचास हज़ार शेष हैं। इसी से आप मेरे लिए दस्ताने, टोपी, सन ग्लासेस, जैकेट, स्लीपिंगबैग और दौरे में खाना गर्म रखने के लिए कैसेरोल का एक सैट खरीद लें।”

“सर!...” सहायक ने सकुचाने का सुंदर अभिनय करते हुए कहा।
"अगर आपकी आज्ञा है तो मैं भी अपने लिए उसी में ‘एडजस्ट’ करवा लूँ।”

“ठीक है ...ठीक हैं" नेता जी ने मुस्कराते हुए कहा और वहा से चलने लगे।

तो भिखारी ने अपना कटोरा उठाया और नेता जी के पास आ पहुँचा। नेता जी ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए कटोरे में पाँच का सिक्का डाल दिया ।
भिखारी - "साहब मुझे आप से कुछ नहीं चाहिए मैं आप को कुछ देने आया हूँ।"

"क्या ...?" नेता जी ने आश्चर्यचकित हो कर पूंछा।

भिखारी- "साहब इस कटोरे की जरुरत मुझे नहीं आप को है .. मैंने आप की सारी बाते सुनी .. मुझे लगता है मुझसे ज्यादा गरीब तो आप हैं ..!"

अब नेता जी का चेहरा देखने लायक था ।
smenaria
smenaria
Admin

Posts : 96
Points : 218
Reputation : 0
Join date : 02.05.2012
Age : 29
Location : The Hell

http://menaria.me.cc

Back to top Go down

Back to top


 
Permissions in this forum:
You cannot reply to topics in this forum